पीएम मोदी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के नायकों को किया याद, बोले- उनका साहस हमेशा प्रेरणा देगा

Quit India Movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ पर स्वतंत्रता संग्राम के उन सभी नायकों और सेनानियों को याद किया, जिन्होंने देश को अंग्रेजी शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों का साहस और त्याग हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा … Read more

पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने तोड़ी इस्तीफे पर चुप्पी, बोले- ‘मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था’

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर दिया बड़ा बयान

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों और अपने इस्तीफे पर खुलकर बात की। उन्होंने Gen Z को गुमराह करने का आरोप लगाया। प्रधान ने नवीन पटनायक और बीजेडी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पद से ज्यादा देश के युवाओं का भविष्य महत्वपूर्ण है।

डिब्रूगढ़ वॉरियर्स और जोरहाट स्टैलियंस के बीच हुई तीखी नोकझोंक

 Assam Premiere League 2026:

Assam Premiere League 2026: असम प्रीमियर लीग 2026 में शनिवार को डिब्रूगढ़ वॉरियर्स और जोरहाट स्टैलियंस के बीच हूबहू वैसा ही झगड़ा हुआ, जो हमें नवीन उल हक और विराट कोहली के बीच आईपीएल 2023 में देखने को मिला था।

Assam Premiere League 2026: कैसे हुई दोनों टीमों के बीच लड़ाई-

133 रन का पीछा कर रही डिब्रूगढ़ वॉरियर्स ने इस मैच को 14 गेंदें शेष रहते हुए जीत लिया। डिब्रूगढ़ वॉरियर्स के साहिल जैन ने विजयी शॉट लगाकर टीम को जीत दिलाई। जैसे ही साहिल जैन ने विजयी शॉट खेला, जोरहाट स्टैलियंस के कप्तान स्वरूपम पुरकायस्थ ने उनसे कुछ कहा। तभी नॉन-स्ट्राइकर छोर पर मौजूद साहिल तुरंत गुस्सा हो गए। वह एकदम से सीना तानकर और बल्ला दिखाते हुए जोरहाट स्टैलियंस के कप्तान स्वरूपम के पास चले गए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद कप्तान स्वरूपम की टीम के खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया।

Assam Premiere League 2026: एक बार फिर हुआ विवाद-

मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमें एक-दूसरे के प्रदर्शन और खेल भावना का सम्मान करने के लिए हाथ मिलाती हैं। इस मैच के खत्म होने के बाद दोनों टीमें ऐसा ही कर रही थीं। हाथ मिलाने के दौरान जोरहाट के एक और खिलाड़ी डिब्रूगढ़ के खिलाड़ियों से भिड़ गए। डिब्रूगढ़ का कोचिंग स्टाफ स्वरूपम को समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कप्तान स्वरूपम अपनी बात पर अड़े रहे। हालांकि, अंत में वे शांत हो गए।

मैच समरी-
जोरहाट स्टैलियंस-132/8 (20 ओवर)-
बल्लेबाज रन गेंद 4s 6s SR आउट
Erik Roy 22 15 4 0 146.67 c A Agarwal b R Biswas
Swarupam Purkayastha (C) 9 11 1 0 81.82 b S Baruah
Rajveer Singh 13 18 1 0 72.22 c SM Jain b JN Kalita
Aditya Roy Chowdhury 1 2 0 0 50.00 c & b D Das
Dyutimoy Nath 43 41 2 1 104.88 रन आउट
Wasiqur Rahman 1 6 0 0 16.67 c A Phukan b JN Kalita
Abhilash Gogoi 11 14 0 0 78.57 c R Akhtar b RM Alam
Rajjakuddin Ahmed 20 10 2 1 200.00 नाबाद
Bishal Newar 2 3 0 0 66.67 रन आउट
Rohit Singh 0 0 0 0 0.00 नाबाद

कुल: 132/8 (20 ओवर)

डिब्रूगढ़ वॉरियर्स- 133/4 (17.4 ओवर)
बल्लेबाज रन गेंद 4s 6s SR आउट
Parvej Musaraf 17 15 3 0 113.33 c RK Ahmed b B Newar
Ronit Akhtar 10 3 1 1 333.33 रन आउट
Ayush Agarwal 8 7 1 0 114.29 lbw b D Nath
Jay Borah 27 30 1 0 90.00 c W Rahman b A Gogoi
Saahil Jain (C) 60 40 4 3 150.00 नाबाद
Rituraj Biswas 6 12 0 0 50.00 नाबाद

कुल: 133/4 (17.4 ओवर)

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TMC नेता की पुलिस कस्टडी में मौत पर दिलीप घोष बोले- ‘गलत है तो FIR होनी चाहिए’, अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना

West Bengal News: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत होती है तो यह गंभीर मामला है और ऐसी स्थिति में एफआईआर दर्ज … Read more

जेडी वेंस ने PM मोदी से की फोन पर बात, भारत-अमेरिका सहयोग पर चर्चा; बेटे के जन्म पर पीएम ने दी बधाई

मोदी-वेंस में भारत-अमेरिका चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान पर दबाव बढ़ाने वाले बिल को मंजूरी दी है, जिसमें टैरिफ का प्रावधान शामिल है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा का आज होगा शंखनाद, 12 साधु-संतों को रेड कार्ड नोटिस

श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा का शंखनाद आज

मथुरा के चित्रगुप्त पीठ में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर कारसेवा का रविवार को शंखनाद होगा। कार्यक्रम में 13 अखाड़ों के साधु-संत शामिल होंगे। प्रशासन ने 12 संतों को रेड कार्ड नोटिस दिया है। मंदिर निर्माण के लिए भरतपुर से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप पहुंच चुकी है।

अमृतसर में पाकिस्तानी घुसपैठिया ढेर, BSF ने सीमा पर की बड़ी कार्रवाई

Amritsar Infiltrator:

Amritsar Infiltrator: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दाउके गांव के पास कंटीली तार लांघने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध घुसपैठिये को BSF जवानों ने गोली मार दी। मृतक के पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला।

Amritsar Infiltrator: दाउके गांव के पास दिखी संदिग्ध हलचल-

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह अमृतसर के दाउके गांव के पास भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर BSF की एक बटालियन गश्त कर रही थी। इसी दौरान कंटीली तार के पास झाड़ियों में कुछ हलचल दिखाई दी। जवानों ने संदिग्ध व्यक्ति को झाड़ियों से बाहर आने के लिए कहा। इसके बाद वह बाहर आया और कंटीली तार पार करने की कोशिश करने लगा।

Amritsar Infiltrator: चेतावनी के बाद भी नहीं रुका संदिग्ध-

BSF जवानों ने संदिग्ध को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन वह आगे बढ़ता रहा। इसके बाद जवानों ने गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना तुरंत थाना घरिंडा पुलिस को दी गई। मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी पहचान की जा सके।

पुलिस ने दर्ज किया केस-

BSF की शिकायत के आधार पर थाना घरिंडा पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान और उसके भारत आने के मकसद की जांच की जा रही है।

पाकिस्तान से नशा तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाई-

इसी बीच पाकिस्तान से होने वाली नशा तस्करी के खिलाफ भी सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। काउंटर इंटेलिजेंस (CI) फिरोजपुर और BSF ने संयुक्त अभियान चलाकर 30 किलो 200 ग्राम हेरोइन बरामद की है।

मोटरसाइकिल सवार दो आरोपी गिरफ्तार-

पुलिस ने हेरोइन की खेप लेकर मोटरसाइकिल से जा रहे दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फाजिल्का जिले के रहने वाले बताए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुखविंदर सिंह निवासी गांव वले शाह उत्ताड़, फाजिल्का और मनप्रीत सिंह निवासी गांव नवान हस्ता, फाजिल्का के रूप में हुई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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बार-बार फंगल इंफेक्शन क्यों होता है? क्या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है?

Fungal Infection:

Fungal Infection: बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन सिर्फ त्वचा की सामान्य समस्या नहीं हो सकता। एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, कब यह चिंता का विषय बन सकता है और बचाव के तरीके।

Fungal Infection: क्या बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन खतरनाक है-

फंगल इंफेक्शन एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार इंफेक्शन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी इंफेक्शन पूरी तरह ठीक नहीं होता, सही प्रकार के फंगस की पहचान नहीं हो पाती या दवा का असर पर्याप्त नहीं होता। Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD, Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi के अनुसार, बार-बार फंगल इंफेक्शन हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत जरूर हो सकता है। फंगल इंफेक्शन त्वचा, नाखून, मुंह, जननांग या शरीर के दूसरे हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। इसकी गंभीरता इंफेक्शन के प्रकार और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

Fungal Infection: भारत में गंभीर फंगल बीमारियों का कितना असर-

साल 2022 में Open Forum Infectious Diseases में प्रकाशित एक स्टडी के अनुमान के अनुसार, भारत में करीब 5.72 करोड़ लोग गंभीर फंगल बीमारियों से प्रभावित थे। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की लगभग 4.1 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में बार-बार होने वाले वुल्वोवैजिनल कैंडिडिआसिस (RVVC) का भी जिक्र किया गया है, जो बड़ी संख्या में महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के क्या कारण हैं-

डॉक्टर के मुताबिक, बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

– ज्यादा पसीना आना और त्वचा में नमी रहना
– लंबे समय तक टाइट कपड़े पहनना
– संक्रमित व्यक्ति या सामान के संपर्क में आना
– तौलिया या कपड़े शेयर करना
– इलाज का कोर्स बीच में छोड़ देना
– डायबिटीज
– कमजोर इम्यून सिस्टम
– कुछ दवाओं का इस्तेमाल

दाद त्वचा, सिर की त्वचा और नाखूनों को भी प्रभावित कर सकता है। संक्रमित तौलिये, चादर या सीधे त्वचा के संपर्क में आने से यह फैल भी सकता है।

कब फंगल इंफेक्शन चिंता का विषय बन सकता है-

अगर फंगल इंफेक्शन बार-बार लौट रहा है या इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

– इंफेक्शन का बार-बार वापस आना
– दवा लेने के बाद भी सुधार न होना
– इंफेक्शन का तेजी से फैलना
– ज्यादा दर्द, सूजन या घाव होना
– त्वचा का फटना
– नाखून का मोटा, बदरंग या टूटना
– स्कैल्प इंफेक्शन के साथ बाल झड़ना
– डायबिटीज या कमजोर इम्यूनिटी होना
– इंफेक्शन का आंखों या फेफड़ों तक पहुंचना

हर खुजली या लाल चकत्ता फंगल इंफेक्शन नहीं-

डॉक्टर का कहना है कि त्वचा पर होने वाली हर खुजली या लाल चकत्ता फंगल इंफेक्शन नहीं होता। एक्जिमा, एलर्जी और दूसरी त्वचा संबंधी समस्याओं में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बार-बार समस्या होने पर खुद से क्रीम बदलने के बजाय सही जांच करवाना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर त्वचा या नाखून का सैंपल लेकर फंगल इंफेक्शन की पुष्टि कर सकते हैं।

बार -बार होने वाले इंफेक्शन में जांच क्यों जरूरी-

बार-बार होने वाले कैंडिडा इंफेक्शन में अलग-अलग प्रजातियां शामिल हो सकती हैं। कुछ प्रकार सामान्य एंटीफंगल दवाओं पर कम प्रतिक्रिया दे सकते हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर लक्षणों के आधार पर अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं। सही कारण की पहचान होने के बाद इलाज को ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।

फंगल इंफेक्शन दोबारा होने से कैसे बचें-

फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों का ध्यान रखना जरूरी है:

– त्वचा को साफ और सूखा रखें।
– पसीने वाले कपड़े जल्द बदलें।
– तौलिया और कपड़े शेयर न करें।
– पैरों और त्वचा में लंबे समय तक नमी न रहने दें।
– डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का पूरा कोर्स करें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें-

अगर फंगल इंफेक्शन बार-बार हो रहा है, इलाज के बाद वापस आ जाता है या दवा लेने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

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हाई ब्लड प्रेशर में सेंधा नमक खाना सही है या नहीं? एक्सपर्ट से जानें

Rock Salt:

Rock Salt: व्रत के दौरान सेंधा नमक का इस्तेमाल आम है, लेकिन हाई बीपी के मरीजों के लिए क्या यह साधारण नमक से बेहतर है? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सेंधा नमक और सोडियम का कनेक्शन।

Rock Salt: हाई बीपी में सेंधा नमक खा सकते हैं-

व्रत के दौरान लोग अक्सर सेंधा नमक का सेवन करते हैं। वहीं, कई लोग हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं। उन्हें लगता है कि सेंधा नमक में सोडियम कम होता है और यह ब्लड प्रेशर के लिए बेहतर विकल्प है। दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में सेंधा नमक का सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसकी मात्रा सीमित रखना जरूरी है। इसे लो-सोडियम नमक समझकर अधिक मात्रा में खाना सही नहीं है।

Rock Salt: बीपी में नमक से ज्यादा जरूरी है सोडियम-

हाई ब्लड प्रेशर का संबंध नमक के रंग या नाम से ज्यादा उसमें मौजूद सोडियम की मात्रा से होता है। ज्यादा सोडियम लेने से शरीर में पानी जमा हो सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। WHO के मुताबिक, स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 2000 mg से कम सोडियम यानी 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। अगर डॉक्टर ने हाई बीपी के कारण नमक कम करने की सलाह दी है, तो सेंधा नमक को साधारण नमक का अलग और सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

सेंधा नमक को लेकर स्टडी में क्या सामने आया-

साल 2022 में Journal of Brazilian Society of Cardiology में प्रकाशित एक रिसर्च में हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में हिमालयन सॉल्ट यानी सेंधा नमक और सामान्य टेबल सॉल्ट के प्रभाव की तुलना की गई। रिसर्च में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर या यूरिन में सोडियम की मात्रा के मामले में दोनों नमकों के बीच कोई खास अंतर नहीं पाया गया। इससे यह साबित नहीं होता कि सेंधा नमक हाई बीपी को कंट्रोल करने में सामान्य नमक से बेहतर है।

सेंधा नमक में कितना सोडियम होता है-

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, सेंधा नमक के अलग-अलग ब्रांड या सैंपल में सोडियम की मात्रा थोड़ी अलग हो सकती है। हालांकि, सेंधा नमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड से बना होता है। इसलिए यह मानना सही नहीं है कि सेंधा नमक में सोडियम नहीं होता या इसकी मात्रा बहुत कम होती है। अगर कोई व्यक्ति सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल कर रहा है और उसकी कुल मात्रा पहले जितनी ही है, तो उसे सोडियम कम करने का फायदा नहीं मिलेगा। साल 2025 में Foods Journal में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हिमालयन साल्ट की शुद्धता करीब 98.8% बताई गई है।

हाई बीपी में किन बातों का रखें ध्यान-

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं है। पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। डाइट में ताजे फल, सब्जियां, दालें और कम प्रोसेस्ड फूड शामिल करना बेहतर हो सकता है। वहीं, नमकीन स्नैक्स, इंस्टेंट फूड, अचार, सॉस और ज्यादा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना चाहिए, क्योंकि इनमें भी सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है।

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