7 साल बाद भारत पहुंच रहा ईरानी तेल, बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी राहत

मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 4 अप्रैल को वाडिनार पोर्ट पर पहुंचने वाला यह टैंकर सिर्फ एक खेप नहीं, बल्कि भारत-ईरान ऊर्जा संबंधों की नई शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट पर उलझा अमेरिका, ट्रंप बोले “ये हमारी जिम्मेदारी नहीं”

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के बीच अब सबसे बड़ा सवाल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर खड़ा हो गया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के इस्फहान में एक परमाणु ठिकाने पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने दुबई के पास एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।

ईरान युद्ध पर पुतिन की चेतावनी, बोले- कोरोना से भी बदतर हो सकते हैं हालात

व्लादिमीर पुतिन ने ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुतिन ने कहा कि मौजूदा हालात कोरोना महामारी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। पुतिन ने बिना नाम लिए अमेरिका की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस युद्ध ने दुनिया को गहरी अनिश्चितता में धकेल दिया है।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत: पेट्रोल-डीजल का भरपूर स्टॉक, कीमतों में नहीं बदलाव

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार लगातार मिडिल ईस्ट के हालात पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

“फारस की खाड़ी को खून से लाल कर देंगे”, युद्ध के बीच ईरान की खतरनाक चेतावनी

ईरानी संसद के स्पीकर एमबी ग़ालिबाफ ने कहा है कि अगर ईरान के किसी भी द्वीप पर हमला किया गया तो पूरे फारस की खाड़ी में हमलावरों के खून की नदियां बहा दी जाएंगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान से हमले रोकने का प्रस्ताव भी पारित किया, लेकिन तेहरान ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

तेल पर जंग का वार, 13 दिन में बना इतिहास का सबसे बड़ा ऑयल क्राइसिस

मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति में इतिहास का सबसे बड़ा संकट पैदा हो गया है। ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने भी सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने बिजली और ईंधन की बचत के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है।

100 डॉलर से नीचे फिसला कच्चा तेल, 6% से ज्यादा गिरावट ने बदला वैश्विक बाजार का मूड

कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से नीचे

मध्य पूर्व में ईरान से जुड़ा तनाव कम होने की संभावना के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ब्रेंट और अमेरिकी तेल दोनों 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरे और कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई।

अमेरिका–ईरान तनाव का बाजार पर असर: तेल कीमतों में 21% उछाल और 3% लुढ़का बाजार

अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई सेक्टर दबाव में नजर आए। विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है।