नेपाल में सत्ता बदलते ही बड़ा एक्शन, 1500+ सरकारी नियुक्तियां रद्द

नेपाल की नई सरकार ने आते ही बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के जरिए एक अध्यादेश जारी कर 1500 से ज्यादा सार्वजनिक नियुक्तियों को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया ‘माय रिपब्लिका’ के मुताबिक, इस फैसले से कुल 1,594 पदाधिकारियों को पद से हटा दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली हो गए हैं, जिन्हें अब नए सिरे से भरा जाएगा।

काठमांडू में दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से दो भारतीयों की मौत

नेपाल की राजधानी Kathmandu में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन भारतीय दूतावास से भी संपर्क में आ सकता है, ताकि जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

बांग्लादेश में दिसंबर के दौरान हिंदू नागरिकों की हत्याएं,अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल

बांग्लादेश में दिसंबर महीने के दौरान चार हिंदू नागरिकों की अलग-अलग घटनाओं में हुई हत्याओं ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। ताजा मामला राजबाड़ी जिले का है, जहां 24 दिसंबर की रात अमृत मंडल पर कथित तौर पर भीड़ ने हमला किया। गंभीर रूप से घायल अमृत मंडल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 25 दिसंबर की तड़के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, तारिक रहमान की 17 साल बाद वापसी से बढ़ी सियासी हलचल

बांग्लादेश में बीते कुछ दिनों से एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। देश के कई प्रमुख इलाकों में हिंसा, आगजनी और हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं। बांग्लादेश में अगला आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है। अगस्त 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था।

पाकिस्तान में आज़ादी के बाद पहली बार संस्कृत की पढ़ाई शुरू, LUMS ने लॉन्च किया यूनिवर्सिटी कोर्स

PAKISTAN NEWS

पाकिस्तान के शैक्षणिक इतिहास में एक अहम कदम उठाते हुए लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (LUMS) ने संस्कृत भाषा पर यूनिवर्सिटी स्तर का कोर्स शुरू किया है। अधिकारी ने बताया कि 1930 के दशक में विद्वान जेसीआर वूलनर ने संस्कृत की ताड़पत्रों पर लिखी कई पांडुलिपियों को सूचीबद्ध किया था। लेकिन 1947 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी विद्वान इस संग्रह से गंभीर रूप से नहीं जुड़ा। डॉ. शाहिद रशीद का कहना है कि शास्त्रीय भाषाओं में मानव सभ्यता का गहरा ज्ञान छिपा हुआ है। उन्होंने पहले अरबी और फारसी सीखी, इसके बाद संस्कृत का अध्ययन शुरू किया।