अमेरिका की नाकेबंदी से घुटने लगा ईरान! तेल रखने की जगह खत्म, प्रोडक्शन पर बड़ी मार
दो महीने से चल रही अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। भले ही आर्थिक दबाव बढ़ रहा हो, लेकिन ईरान जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के मूड में नहीं है।
दो महीने से चल रही अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। भले ही आर्थिक दबाव बढ़ रहा हो, लेकिन ईरान जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के मूड में नहीं है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। हालांकि, यह पूरी तरह बिना शर्त नहीं है। ईरान ने साफ कर दिया है कि सभी जहाजों को उसके पोर्ट और मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन द्वारा तय किए गए रूट को फॉलो करना होगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में बाधा और तेल टैंकरों पर खतरे की वजह से कीमतों में तेजी आई है। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आईईए और अमेरिका ने बड़े पैमाने पर कच्चा तेल जारी करने का फैसला किया है।