CEC ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग प्रस्ताव खारिज, पद पर बने रहेंगे
राज्यसभा के सभापति ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब यह मामला यहीं खत्म होता नजर आ रहा है।
राज्यसभा के सभापति ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब यह मामला यहीं खत्म होता नजर आ रहा है।
पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और मनमानी का आरोप लगाया है। इस मामले की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में की जा रही है।
फिलहाल ममता बनर्जी दिल्ली में हैं और उनकी सुरक्षा टीम ने सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था से भी संपर्क किया है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को ममता बनर्जी की मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक हुई थी, लेकिन वह बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गई थीं।
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। आयोग ने दो विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े चार चुनावी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के पहले दिए गए आदेश को बरकरार रखा है। इस फैसले के बाद राज्य प्रशासन को आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गंगासागर स्थित भारत सेवाश्रम संघ के प्रभारी महाराज श्री जितात्मा नंद महाराज, जो ‘निमाई महाराज’ के नाम से अधिक परिचित हैं, को हाल ही में निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत सुनवाई का नोटिस भेजा गया है। महाराज ने स्पष्ट किया कि यदि निर्वाचन आयोग उनका नाम मतदाता सूची से हटाता है, तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
मतदाता सूची में अपना अस्तित्व साबित करने के लिए लोगों को सुनवाई केंद्रों तक पहुंचना पड़ रहा है। इसी बीच दुर्गापुर से एक ऐसा मामला सामने आया है। वहीं भाजपा के तीन नंबर मंडल अध्यक्ष बुद्धदेव मंडल ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं की सुनवाई उनके घर जाकर की जाएगी।
पूर्व बर्धमान के कालना नगरपालिका क्षेत्र में SIR Error के चलते एक जीवित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही, एन्यूमरेशन प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया है।
मतदाता सूची से अल्पसंख्यक समुदाय के नाम हटाने के आरोप के विरोध में तृणमूल समर्थित बुद्धिजीवी मंच ने कोलकाता में सभा का आयोजन किया।
चंद्रकोणा बूथ 148 में कोई मृत मतदाता नहीं पाया गया; सक्रिय बीएलओ ने समय पर नामावली अपडेट कर स्थिति को सही रखा।
Bengal Voter List: कोलकाता, 3 दिसंबर । भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से 4 नवंबर से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गणना प्रपत्र के डिजिटलीकरण के दौरान पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए जाने के लिए 46 लाख से ज्यादा नामों की पहचान की जा चुकी है। मंगलवार शाम तक पूरे … Read more