पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का खतरा, 2 नर्सों की हालत गंभीर

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले से निपाह वायरस को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक निजी अस्पताल में काम करने वाली दो नर्सों में निपाह वायरस संक्रमण के संकेत मिले हैं। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद पड़ोसी राज्य झारखंड में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। झारखंड सरकार ने निगरानी बढ़ाने और आम लोगों को जागरूक करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

100 mg से ज्यादा नाइमेसुलाइड पर सरकार का बड़ा एक्शन, पूरे देश में बैन लागू

केंद्र सरकार ने आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए पेन किलर दवा नाइमेसुलाइड को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कदम पेन किलर दवाओं के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए उठाया है।

भारत मलेरिया उन्मूलन के बेहद करीब, ICMR की रिपोर्ट से मिले सकारात्मक संकेत

भारत जल्द ही मलेरिया जैसी घातक बीमारी से मुक्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। यह दावा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (NIMR) की हालिया रिपोर्ट में किया गया है। NIMR की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शहरों में मलेरिया का स्वरूप बदल रहा है। निर्माण स्थलों पर जमा पानी, खुले कंटेनर और अत्यधिक आबादी वाले क्षेत्रों में एनोफेल्स स्टेफेन्सी मच्छर की मौजूदगी के कारण अर्बन मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं।

एम्स का चौंकाने वाला सर्वे, 13 साल की उम्र में नशे की ओर बढ़ते स्कूली बच्चे

AIIMS

स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर एम्स का एक हैरान करने वाला सर्वे सामने आया है। इस अध्ययन में खुलासा हुआ है कि देश के कई शहरों में स्कूली बच्चे कम उम्र में ही नशीले पदार्थों, धूम्रपान और शराब की ओर बढ़ रहे हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि जैसे-जैसे छात्र उच्च कक्षाओं में पहुंचते हैं, नशीले पदार्थों का सेवन बढ़ता जाता है। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों में नशे के इस्तेमाल की संभावना कक्षा आठवीं के छात्रों से लगभग दोगुनी पाई गई।

राजस्थान में लापरवाही का दर्दनाक मामला, ऑक्सीजन खत्म होने से नवजात की मौत

RAJASHTHAN NEWS

राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भरतपुर से जयपुर के सरकारी अस्पताल ले जाए जा रहे एक दिन के नवजात शिशु की रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन खत्म होने के बाद एम्बुलेंस ड्राइवर उन्हें बस्सी के सरकारी अस्पताल में छोड़कर वहां से चला गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया।

बिहार के सीतामढ़ी में HIV का विस्फोट! 7400 मरीज, हर महीने 40-60 नए केस

HIV

बिहार के सीतामढ़ी जिले में HIV संक्रमण की स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगभग 7400 तक पहुंच गई है और हर महीने 40–60 नए मामले सामने आ रहे हैं।सीतामढ़ी के सदर अस्पताल के मेडिकल अफसर डॉ. हसीन अख्तर के अनुसार, जिले में HIV फैलने की एक बड़ी वजह माइग्रेशन है।