F-15E क्रैश के बाद ‘जेलीफिश ड्रोन स्वार्म’ का दावा, पायलट के बयान से मचा हड़कंप

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के दौरान 3 अप्रैल को अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के गिराए जाने को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस तरह की तकनीक विकसित हो चुकी है, तो यह पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

क्या ईरान अपने परमाणु ठिकानों के दरवाजे खोलेगा? IAEA की तैयारी, लेकिन तेहरान ने रखी बड़ी शर्त

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते (MoU) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होती दिखाई दे रही है। इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान के परमाणु कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय निगरानी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान यह संकेत देते हैं कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। IAEA निरीक्षण को लेकर दबाव बना रहा है, जबकि ईरान प्रतिबंधों में राहत को प्राथमिक शर्त मान रहा है।

PM मोदी को ईरान से मिला, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। लंबे समय तक चले तनाव और संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका के बीच शांति बहाली की दिशा में बातचीत जारी है। दोनों देशों के नेताओं द्वारा अलग-अलग समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

कौन हैं एंडी बर्नहम? साधारण परिवार से निकलकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहम का नाम नए प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे तेजी से उभरकर सामने आया है। मई में हुए स्थानीय काउंसिल चुनावों में लेबर पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कीर स्टारमर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे थे। पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा था और नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई थी।

क्या ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर देने वाले हैं इस्तीफा? UK की राजनीति में बढ़ीं हलचलें

ब्रिटेन की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को लेकर ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने और पद छोड़ने की समय-सीमा का ऐलान कर सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें सोमवार पर टिकी हुई हैं। अगर कीर स्टार्मर की ओर से कोई बड़ा ऐलान होता है तो यह ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

ईरान-अमेरिका वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अधिकारी, पाकिस्तान के गृह मंत्री भी पहुंचे तेहरान

ईरान-अमेरिका वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अधिकारी, पाकिस्तान के गृह मंत्री भी पहुंचे तेहरान, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत ईरान-अमेरिका संबंधों की दिशा तय कर सकती है।

Hormuz Strait फिर बंद, ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर लगाया वादा तोड़ने का आरोप

मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को ऐलान किया कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को एक बार फिर बंद कर दिया गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

G7 Summit के बाद ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी में जुबानी जंग, फोटो को लेकर दिए बयान पर बढ़ा विवाद

G7 शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ट्रंप और मेलोनी के बीच सामने आई यह बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है।

यूक्रेन का रूस पर बड़ा पलटवार, मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर हमला; आसमान में छाया काला धुआं

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को यूक्रेन ने मॉस्को स्थित एक ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिसके बाद इलाके में आग लग गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला, तेल व्यापार को मिलेगी राहत

पिछले 107 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य संघर्ष को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति सामान्य होगी और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव कम पड़ सकता है।